The Last Metro – आखिरी मेट्रो का सफर

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The Last Metro – आखिरी मेट्रो का सफरDivem Sharma

बड़े शहरों की मेट्रो लाखों लोगों की ज़िंदगी का हिस्सा होती है। सुबह की भागदौड़ हो या रात की थकान, लोग...

बड़े शहरों की मेट्रो लाखों लोगों की ज़िंदगी का हिस्सा होती है। सुबह की भागदौड़ हो या रात की थकान, लोग रोज़ इन ट्रेनों में सफर करते हैं। लेकिन शहर में एक मेट्रो लाइन ऐसी भी थी जिसके बारे में कहा जाता था कि रात की आखिरी ट्रेन में सफर करने वाला हर यात्री अपनी मंज़िल तक नहीं पहुँचता।

लोग इसे अफवाह मानते थे, लेकिन मेट्रो के पुराने कर्मचारियों के चेहरे पर उस ट्रेन का नाम सुनते ही डर साफ दिखाई देता था।

आज की real horror story in hindi उसी आखिरी मेट्रो की है।

रहस्यमयी स्टेशन
शहर के सबसे पुराने मेट्रो स्टेशन का नाम था “सेंट्रल स्क्वायर”।

दिन में यहाँ हजारों लोग आते-जाते थे।

लेकिन रात के बारह बजे के बाद स्टेशन लगभग खाली हो जाता था।

कहा जाता था कि 12:30 बजे एक अतिरिक्त ट्रेन आती है जिसका समय किसी बोर्ड पर नहीं लिखा होता।

उस ट्रेन में बैठने वाले कुछ लोग अगले दिन अपने घर कभी नहीं पहुँचते।

विवान की जिज्ञासा
विवान एक वीडियो जर्नलिस्ट था।

उसे रहस्यमयी घटनाओं की रिकॉर्डिंग करना पसंद था।

जब उसने आखिरी मेट्रो की कहानी सुनी तो उसने तय किया कि वह खुद पूरी रात स्टेशन पर रहेगा।

स्टेशन के सफाई कर्मचारी ने उसे चेतावनी दी—

“अगर ट्रेन में कोई तुमसे अगला स्टेशन पूछे…

तो जवाब मत देना।”

विवान ने हँसते हुए कैमरा चालू कर दिया।

उसे लगा यह भी लोगों की बनाई हुई कहानी होगी।

खाली प्लेटफॉर्म
रात के 12:20 बजे पूरा प्लेटफॉर्म लगभग खाली था।

घोषणा प्रणाली बंद हो चुकी थी।

सुरक्षा गार्ड भी बाहर जा चुके थे।

अचानक स्टेशन की सारी लाइट कुछ सेकंड के लिए बुझ गई।

जब दोबारा रोशनी हुई…

प्लेटफॉर्म पर पहले से ज़्यादा लोग खड़े थे।

लेकिन किसी के आने की आवाज़ नहीं हुई थी।

सभी लोग बिल्कुल शांत थे।

कोई बात नहीं कर रहा था।

कोई मोबाइल नहीं चला रहा था।

सभी की नज़रें ट्रैक की तरफ थीं।

बिना घोषणा आई ट्रेन
कुछ ही देर बाद सुरंग से तेज़ हवा आई।

एक पुरानी मेट्रो धीरे-धीरे प्लेटफॉर्म पर आकर रुकी।

सबसे अजीब बात यह थी कि ट्रेन आने की कोई घोषणा नहीं हुई।

दरवाज़े अपने आप खुले।

सभी यात्री चुपचाप अंदर चले गए।

विवान भी कैमरा लेकर ट्रेन में चढ़ गया।

अंदर बैठते ही उसे महसूस हुआ कि तापमान अचानक बहुत कम हो गया है।

ट्रेन चलने लगी।

उसे पहली बार लगा कि यह किसी साधारण horror story in hindi जैसी घटना नहीं थी।

अजीब यात्री
ट्रेन में लगभग बीस लोग बैठे थे।

सभी ने पुराने फैशन के कपड़े पहन रखे थे।

एक छोटी लड़की लगातार खिड़की के बाहर देख रही थी।

एक बुज़ुर्ग आदमी अपने हाथ में कई साल पुराना अखबार पकड़े बैठा था।

किसी की आँखें झपक नहीं रही थीं।

अचानक सामने बैठी महिला ने विवान से पूछा—

“अगला स्टेशन कौन-सा है?”

उसे सफाई कर्मचारी की बात याद आ गई।

उसने कोई जवाब नहीं दिया।

महिला मुस्कुराई।

फिर धीरे-धीरे उसका चेहरा धुएँ की तरह गायब होने लगा।

सुरंग का रहस्य
कुछ मिनट बाद ट्रेन एक लंबी सुरंग में पहुँच गई।

बाहर पूरी तरह अंधेरा था।

लेकिन खिड़की के शीशे में विवान ने अपना चेहरा नहीं देखा।

उसकी जगह किसी और का चेहरा दिखाई दे रहा था।

लंबे सफेद बाल।

काली आँखें।

और चेहरे पर अजीब मुस्कान।

वह घबराकर पीछे हट गया।

बाकी यात्री उसे देख रहे थे।

लेकिन किसी के चेहरे पर कोई भाव नहीं था।

कई लोग ऐसी घटनाओं को सिर्फ short horror story in hindi समझकर भूल जाते हैं, लेकिन विवान के लिए अब वापस लौटना आसान नहीं था।

बंद स्टेशन
अचानक ट्रेन रुक गई।

दरवाज़े खुले।

बाहर एक स्टेशन था।

लेकिन उसका नाम किसी भाषा में नहीं लिखा था।

पूरा प्लेटफॉर्म धुंध से ढका हुआ था।

सभी यात्री एक-एक करके उतरने लगे।

कोई आवाज़ नहीं।

कोई कदमों की आहट नहीं।

सिर्फ सन्नाटा।

विवान ने देखा कि दूर एक बोर्ड पर कई तस्वीरें लगी थीं।

पास जाकर देखा…

वे उन लोगों की तस्वीरें थीं जो वर्षों पहले लापता घोषित किए गए थे।

उनमें से एक तस्वीर उसी सफाई कर्मचारी की भी थी जिससे वह कुछ घंटे पहले मिला था।

ड्राइवर की डायरी
ट्रेन के पहले डिब्बे में उसे एक पुरानी डायरी मिली।

वह इस मेट्रो के पहले ड्राइवर की थी।

उसमें लिखा था कि कई साल पहले सुरंग में एक बड़ा हादसा हुआ था।

पूरी ट्रेन गायब हो गई थी।

सरकार ने उस घटना को गुप्त रख दिया।

लेकिन हर साल उसी तारीख को वही ट्रेन फिर दिखाई देती है।

यहीं से इस mystery story hindi की सबसे भयावह सच्चाई सामने आती है।

आखिरी स्टेशन
विवान ट्रेन की तरफ वापस भागा।

लेकिन दरवाज़े बंद हो चुके थे।

अंदर बैठे सभी यात्री अब उसकी तरफ देख रहे थे।

एक साथ।

बिना पलक झपकाए।

ट्रेन धीरे-धीरे चलने लगी।

अचानक उसके पीछे किसी ने फुसफुसाकर कहा—

“तुम्हारा स्टेशन आ गया…”

विवान ने पीछे मुड़कर देखा।

वही छोटी लड़की खड़ी थी।

उसने मुस्कुराकर विवान का हाथ पकड़ लिया।

उसी पल उसकी आँख खुली।

वह अगले दिन सुबह उसी पुराने प्लेटफॉर्म की बेंच पर पड़ा था।

कैमरा उसके पास था।

लेकिन पूरी रिकॉर्डिंग गायब थी।

सिर्फ आखिरी पाँच सेकंड बचे थे।

वीडियो में ट्रेन के अंदर बैठे सभी यात्री कैमरे की तरफ देख रहे थे।

और उनके बीच एक खाली सीट थी…

जिस पर धीरे-धीरे विवान बैठता हुआ दिखाई देता है।

आज भी शहर में लोग रात की आखिरी मेट्रो छोड़ देते हैं।

कहा जाता है कि अगर किसी ट्रेन के आने की घोषणा न हो और फिर भी वह आपके सामने आकर रुक जाए…

तो उसमें कभी मत चढ़ना।

क्योंकि कुछ सफर मंज़िल तक नहीं पहुँचते…

वे हमेशा के लिए शुरू हो जाते हैं।

शायद यही वजह है कि लोग इसे सिर्फ एक suspense story hindi नहीं, बल्कि शहर का सबसे खतरनाक रहस्य मानते हैं।

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